निराधार

सब हो जाएगा निराधार अगर अभी नहीं सम्भले तो । समेट लेना रिश्ते अगर टूट जाए तो । बुला लेना पास यदि दूर हो जाए तो । है समय कठिन ,परिस्थितियाँ विपरित हो सके तो बचा लो होने से निराधार….।।

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